Class 11 : Saint Poet Sursas
कवि सूरदास : जीवनी, रचनाएँ, उदाहरण एवं अर्थ 1. सूरदास का परिचय सूरदास हिंदी साहित्य के भक्तिकाल की कृष्णभक्ति शाखा के महान कवि माने जाते हैं। उन्होंने अपनी काव्य-रचनाओं में भगवान श्रीकृष्ण के बाल-रूप, उनकी लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम तथा गोपियों की कृष्ण के प्रति भक्ति का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया है। उनकी भाषा मुख्यतः ब्रजभाषा है। सूरदास को वात्सल्य रस का सम्राट भी कहा जाता है। उनके काव्य में बालकृष्ण की चंचलता, माता यशोदा का वात्सल्य और गोपियों का प्रेम बहुत स्वाभाविक रूप में दिखाई देता है। 2. सूरदास का जीवन परिचय सूरदास के जन्म और जीवन के संबंध में विद्वानों में मतभेद है। सामान्यतः उनका जन्म लगभग 1478 ई. के आसपास माना जाता है। उनके जन्मस्थान के रूप में सीही गाँव का नाम प्रचलित है। उनके बचपन और परिवार के बारे में निश्चित ऐतिहासिक जानकारी बहुत कम उपलब्ध है। सूरदास जन्म से अंधे थे या बाद में उनकी दृष्टि चली गई थी, इस विषय में भी अलग-अलग मत मिलते हैं। वे भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त थे। उनका संबंध वल्लभाचार्य के पुष्टिमार्ग से माना जाता है। परंपरा के अनुसार वल्लभाचार्य ने ...